शनिवार, 17 जनवरी 2026

रानी भी | CBSE | CLASS 1 | HINDI

रानी भी

रमा और रानी दो बहनें हैं।
रानी हमेशा रमा के साथ रहती है।



रमा ने अपने बालों में कंघी की।
रानी ने भी अपने बालों में कंघी की।



रमा ने चप्पल पहनी।
रानी ने भी चप्पल पहन ली।

रमा ने अपना बस्ता उठाया।
रानी ने भी एक झोला उठा लिया।


रमा स्कूल जाने लगी
माँ ने रानी को स्कूल नहीं जाने दिया।

रानी अभी बहुत छोटी है। 


माँ ने रानी को समझाया, “रानी बेटी, तुम अभी बहुत छोटी हो। 
थोड़ी-सी बड़ी हो जाओ, तब तुम भी स्कूल चली जाना।”

रीना का दिन | CBSE | CLASS 1 | HINDI

रीना का दिन



हर दिन रीना सुबह जल्दी उठती है। उठकर बिस्तर को ठीक से लगाती है।

नीम की दातुन से अपने दाँत साफ़ करती है। साबुन से नहाकर रीना स्वच्छ कपड़े पहनती है।

वह अपने बाल में तेल लगाकर कंघी करती है। रीना माँ के बनाए पराठे और सब्ज़ी आनंद के साथ खाती है। रीना माँ के गले लगती है और फिर स्कूल जाती है।

स्कूल के रास्ते में रीना अपनी सहेली दीपा से मिलती है।



दोनों एक-दूसरे से सुप्रभात कहती हैं और हँसती-खेलती स्कूल जाती हैं।

स्कूल में प्रार्थना के बाद रीना अपनी कक्षा में जाती है। जैसे ही उनकी अध्यापिका कक्षा में आती हैं, सभी बच्चे खड़े हो जाते हैं और नमस्ते करते हैं। अध्यापिका मुस्कुराती हुई नमस्ते करती हैं।

रीना स्कूल में मन लगाकर पढ़ाई करती है।

वह अपनी सहेलियों के साथ खेलती है और थोड़ी शरारत भी करती है।



घर आकर वह हाथ-मुँह धोती है।

फिर वह अपनी स्कूल की सभी बातें अपने परिवार को बताती है।

रीना अपने प्यारे से छोटे भाई के साथ भी खेलती है।

रीना को रात को जल्दी ही नींद आ जाती है।

दादी प्यार से रीना को शुभ रात्रि कहकर सुला देती हैं।




शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

दादा-दादी - श्रीप्रसाद

दादा-दादी - श्रीप्रसाद



एक हमारे दादाजी हैं,

एक हमारी दादी।

दोनों ही पहना करते हैं,

बिल्कुल भूरी खादी।

दादी गाना गाया करतीं,

दादाजी मुस्काते।

कभी-कभी दादाजी भी,

कोई गाना गाते ।

चंदा मामा दूर के - साभार – एकलव्य


चंदा मामा दूर के


चंदा मामा दूर के,

पुए पकाएँ बूर के;

आप खाएँ थाली में,

मुन्ने को दें प्याली में।

प्याली गई टूट, मुन्ना गया रूठ।

लाएँगे नई प्यालियाँ,

बजा-बजा के तालियाँ,

मुन्ने को मनाएँगे,

हम दूध-मलाई खाएँगे।

साभार – एकलव्य

मीना का परिवार - मालती देवी | CBSE | CLASS 1

मीना का परिवार - मालती देवी

मीना के परिवार में सात लोग हैं- उसके दादा, दादी, माता, पिता, चाचा, मीना और उसका छोटा भाई दिवाकर। दिवाकर तीन साल का है। वह बहुत नटखट और चुलबुला है।




मीना को अपने भाई के साथ खेलने में बहुत आनंद आता है। दिवाकर भागकर कमरे के किवाड़ के पीछे छिप जाता है। मीना उसे ढूँढ़ लेती है तो वह ज़ोर-ज़ोर से हँसता है।




मीना उसे गिनती सिखाती है। दिवाकर कहता है, “एक, दो, तीन, चार” तो मीना कहती है, "चाचाजी हमको करते प्यार।"

तभी चाचाजी आ जाते हैं और दिवाकर को गोद में उठा लेते हैं।

मीना, चाचाजी और दिवाकर बरामदे में जाते हैं जहाँ दादी और माँ फल काट रही हैं। मीना के पिता और दादाजी गमलों में पानी दे रहे हैं।




थोड़ी देर में माँ सबको फल देती हैं। सब लोग मिल-जुल कर खुशी से फल खाते हैं और आपस में बातें करते जाते हैं। कितना प्यार भरा है मीना का परिवार !